बीकानेर में प्रशासनिक सख्ती और पुलिस के आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित रह गए हैं। 10 अप्रैल को महावीर जयंती पर घोषित ड्राई डे का उल्लंघन करते हुए शराब की बिक्री धड़ल्ले से होती रही। 11 अप्रैल को दैनिक भास्कर ने फोटो और सबूतों के साथ यह खुलासा किया था कि कैसे नियमों को ताक पर रखकर दुकानदारों ने कानून का मजाक बनाया।
इस खबर के बाद एसपी ने जिले के सभी एसएचओ को सख्त निर्देश दिए कि रात 8 बजे के बाद किसी भी सूरत में शराब नहीं बिकनी चाहिए। लेकिन 12 अप्रैल शनिवार को दैनिक भास्कर टीम ने शहर की प्रमुख शराब दुकानों पर दोबारा निगरानी रखी, तो यह सामने आया कि एसपी के आदेशों को भी ठेकेदारों ने ताक पर रख दिया है। दैनिक भास्कर टीम ने देखा कि कई दुकानों पर रात 11 बजे तक शराब बेची जाती रही। दुकान के शटर भले ही बंद थे, लेकिन अंदर से गुप्त खिड़कियों, छोटे रास्तों और कर्मचारियों के माध्यम से बोतलें ग्राहकों को दी जा रही थीं।
कुछ जगह तो सेल्समैन शटर के पास खड़े होकर इशारों में ग्राहकों को बुलाकर बोतलें थमाते दिखे। प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे अवैध कारोबार को लेकर एक बड़ा सवाल उठाता है, कि क्या पुलिस की पकड़ सिर्फ आमजन पर ही चलती है। शराब माफिया खुलेआम आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि ड्राई डे और रात 8 बजे के बाद शराब बिक्री बंद करने का आदेश सिर्फ कागजों की खानापूर्ति बन कर रह गया है।



